मस्त जवानी
वचनों में जब हो अंकुश, जब हों आंखे मस्तानी।
ओज तेज से पूर्ण सौंदर्य नहीं हो दूजा सानी।।
तित्ली भी ब्याकुल हो जैसे करने को मनमानी।
चेहरे का जब लाल रंग हो बोले भगत सी बानी।।
यारों यही है मस्त जवानी यारो यही है मस्त जवानी।
यारों यही है मस्त जवानी ,यारो यही है मस्त जवानी।।
खुद को तुम बस शसक्त रखो, तुम हो नयी कहानी।
जिसको तुम पापा कहते हो पीढ़ी हुई पुरानी।।
अपनी मंजिल को पाने को बनो कहर तूफानी।
चाहे सूखे सागर चाहे सूरज हो जाय पानी।।
यारों यही है मस्त जवानी........................
तन मन तेरा शक्ति पूर्ण है ,तुम भी अब यह जानो।
वचन अभी तक बहुत सुने हैं करके अब कुछ जानो।।
वतन को हमने तकनीकी ताकत देने की ठानी।
कुछ बनो विज्ञानी यारों कुछ बन जाओ ज्ञानी।।
यारों यही है मस्त जवानी, ...............................
थकने का जो नाम न ले ,वो है दरिया का पानी।
धरती पर रहकर भी जिसने अम्बर छूने की ठानी।।
सुख समृद्धि और अमन की खातिर बात करें मस्तानी।
देश की आन पे आय तो बह जाय रक्तिम पानी।।
यारों यही है मस्त जवानी...............................
मन में हो जब अटल शक्ति तब चाल चलो तूफानी।
प्रेम हो या हो युद्ध क्षेत्र तुम मानो कृष्ण की बानी।।
अंग अंग ब्याकुल करने को प्यार भरी शैतानी।
गुस्से में भी गुस्सा पीते नहीं मांगते पानी।।
यारों यही है मस्त जवानी...............................
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई कुछ भी हम न जाने।
मन्दिर मस्जिद गिरजाघर कुछ भी हम न पहचाने।।
देश हमारा मन्दिर है मज़हब है हिंदुस्तानी।
यारों हमने मान लिया है तूने क्या है ठानी।।
है जो देश के नाम जवानी, यारों वही है मस्त जवानी।
यारों यही है मस्त जवानी ,....................................
महा शक्ति की होड़ में आगे हो बस हिन्दुस्तानी।
पीछे छूटे Us रशिया चीनी पाकिस्तानी।।
धरती अम्बर शशि सूर्य तक चमके अमिट निशानी।
हिन्द की हो ये सिंहनाद हर गरजे हिन्दुस्तानी। यारों यही है मस्त जवानी ,....................................
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