मानव एक सोसल प्राणी है जो हर वक्त कुछ न कुछ सीखता रहता है ।जाने या अनजाने में वह किसी न किसी की नक़ल करता रहता है बहुत सी परिस्थितियों में हमें पता भी नहीं
होता की हम किसी दूसरे की नक़ल कर रहे होते है।
आज हम जो कुछ भी है वो बीते हुए समय में लोगो के साथ
बिताय गए पलो में सीखे गए तथ्य होते है।
जो हम करते है जो हम बोलते है यहाँ तक की जो हमारे हाव् भाव होते है जो आदते होती है ।वो सब किसी न किसी की नक़ल होती है बहुत से लोग हमारी इस बात से सहमत नहीं होंगे पर मेरे दोस्त यही सच है।
हम दुसरो के कृत्यों को जाने अनजाने में दोहराते रहते है
इसलिए हम जो भी होते है जो हमारे विस्वास होते है वो अब तक मिले लोगो के विचार मात्र है ।दरअसल उनमे से एक विचार भी हमारा अपना नहीं होता है और यदि उनमें से एक विचार भी हमारा अपना होगा तो वो हमारी एक अनूठी खोज होगी ।आगे से आप इस बात पर ध्यान देना की आप कोई नयी चीज कहां से सीखते है ।आप ज्यादा तर निम्न स्थानों से सीखते है।
१ परिवार से
२ गुरुजन से
३ दोस्तों से
४ सोशल मीडिया से
५ न्यूज़ से
६ या किसी अन्य स्थान से
दरअसल हमारा दिमाग एक उपजाऊ जमीन की तरह होता है जिसमे विचार बोये जाते है ।इस 'बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की विचार अच्छे है या बुरे जिस तरह के विचार हमारे मन रुपी जमीन में बोये जाते है उसी तरह के बिलीफ बन जाते है और जिस तरह के बिलीफ हमारे अंदर होंगे उसी तरह के हम होंगे
अगर आप या आप का कोई दोस्त बहुत शांत है तो बहुतं हद तक यह संभव है की वो जिस वातावरण में रहता है वो बहुत ही शांत होगा और दूसरा दोस्त जो बहुत चंचल है उसका वातावरण चंचल स्वभाव वाले लोगो से भरा हुआ होगा ।
होता की हम किसी दूसरे की नक़ल कर रहे होते है।
आज हम जो कुछ भी है वो बीते हुए समय में लोगो के साथ
बिताय गए पलो में सीखे गए तथ्य होते है।
जो हम करते है जो हम बोलते है यहाँ तक की जो हमारे हाव् भाव होते है जो आदते होती है ।वो सब किसी न किसी की नक़ल होती है बहुत से लोग हमारी इस बात से सहमत नहीं होंगे पर मेरे दोस्त यही सच है।
हम दुसरो के कृत्यों को जाने अनजाने में दोहराते रहते है
इसलिए हम जो भी होते है जो हमारे विस्वास होते है वो अब तक मिले लोगो के विचार मात्र है ।दरअसल उनमे से एक विचार भी हमारा अपना नहीं होता है और यदि उनमें से एक विचार भी हमारा अपना होगा तो वो हमारी एक अनूठी खोज होगी ।आगे से आप इस बात पर ध्यान देना की आप कोई नयी चीज कहां से सीखते है ।आप ज्यादा तर निम्न स्थानों से सीखते है।
१ परिवार से
२ गुरुजन से
३ दोस्तों से
४ सोशल मीडिया से
५ न्यूज़ से
६ या किसी अन्य स्थान से
दरअसल हमारा दिमाग एक उपजाऊ जमीन की तरह होता है जिसमे विचार बोये जाते है ।इस 'बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की विचार अच्छे है या बुरे जिस तरह के विचार हमारे मन रुपी जमीन में बोये जाते है उसी तरह के बिलीफ बन जाते है और जिस तरह के बिलीफ हमारे अंदर होंगे उसी तरह के हम होंगे
अगर आप या आप का कोई दोस्त बहुत शांत है तो बहुतं हद तक यह संभव है की वो जिस वातावरण में रहता है वो बहुत ही शांत होगा और दूसरा दोस्त जो बहुत चंचल है उसका वातावरण चंचल स्वभाव वाले लोगो से भरा हुआ होगा ।
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